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जून, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Alfaaz...

सोचा की कुछ लिखु, कुछ खुबसूरत अल्फ़ाज़ों के अनमोल मोतियों को, एक धागे में पिरोयुं, सुना है की इन मोतियों का आज के जमाने में खेल बड़ा ही निराला है, ये जिनकी जुबान से सच बनके गिरते हैं, उनसे सब कुछ छीनलेते हैं, और जिनकी जुबान से झूठ बनके गिरते हैं, उन्हें छप्पड़ फाड़कर देते हैं, ये तो अपने समझने समझने की बात है, इसमें हम इन अल्फाजों को क्यूँ कसूरवार थराएं, इन्ही की बदोलत आज मैं दो वक़्त का खाना चैन से खा रहा हु, और अपनी सोच को इन्ही मोतियों के हवाले से आप  तक पहुंचा रहा हु, खेर धागे में पिरोते पिरोते  मैंने  पाया की, ये एक अफवाह भी बने और कहावत भी, खबर भी बने और खुबसूरत नगमा भी,   झगडा भी बने और प्रतिज्ञा भी, आदेश भी बने और आखिर में मेरा सन्देश...

छोटे बड़े पुल...

फासलों  को  कम  करते  हैं,   ये  बनजाते  अन्जाने  में  ही महफूज़!! धुप  में, आंधी में, वर्षा में, शीत में,  तपते हैं, भीगते हैं, पर सीना तान खड़े रहते   अपने हर मुसाफिर  को  उसकी  मंजिल  तक  पंहुचा  ते  हैं!!! ये  छोटे बड़े पुल, कहने को तो निर्जीव हैं लेकिन न जाने कितनो  के खून-पसीने की बूंदों और दिन रात की मेहनत को  अपने आगोश में लिए हुए है!! कितनो की न जाने इसी पुल ने दो वक़्त की रोटी दाल से भूख मिटाई है!!! ये छोटे बड़े पुल थके हारे राहगीरों को अपने आलिंगन में लेकर उन्हें एक  नयी उर्जा और उत्साह के साथ रवाना करते हैं, एक माँ का बेटा,  बच्चों की मुस्कराहट “खिलोने”,  पति का प्यार कुछ ही पलों में अपनों तक पहुचाते हैं!!! ये छोटे बड़े पुल   हमारी...

Sab Dhoka hai...

कहते हैं मेहनत का फल मिलता है,  लेकिन आज के दौर में ऐसा सोचना मतलब, अपने आप को देना धोका है….!! 365 दिन का हर पल चुनोतिपूर्ण होता है , और उसका हस कर सामना करने के बाद  जो मिलता है, वो एक धोका है….!! दिन भर का प्रयास, आने वाले समय के लिए तर्रक्की समझता हु, कल की अपनी ताकत समझता हु, और उसका परिणाम देख कर,  टूटते हैं सपने, छलक ते हैं आंसू और नज़र आता सिर्फ धोका है…!! इस दुनिया में अपनी मेहनत पर विश्वास होता है, लेकिन पल भर में, मैं उस विशवास को टूट ते देखता हु, दुनिया वालों को मुहं फेरते देखता हु, जो ये एहसास दिला जाता है, की आज की दुनिया ही  एक दोखा है..!!

Har Ghadi...

हर घडी  बस  तेरा  ही  एहसास  है, तेरा  ही  खुमार  है चाहत तेरी दिल मेरा... तेरी मोहब्बत में  मेरी जान कुर्बान है..!! हर घडी  बस अब तेरी ही याद है, वो गुज़रा लह्म साथ है आँखें तेरी आंसूं मेरे... तेरे इश्क में मेरी जान कुर्बान है..!! हर घडी बस अब तेरा ही नशा है, तेरे साथ हर पल जीने की चाह है सपने तेरे खुशनसीबी मेरी  तेरे प्यार में मेरी जान कुर्बान है..!!