Jeetega Tu...
जीतेगा तू, यूँ न अपने ख्वाबो को तोड़ यूँ न अपनी किस्मत को कोस करना है कुछ अगर, तो दुश्मन की हड्डी मरोड़!! दे पटकनी मार दांव, ख़्वाबों में था जो तेरे आज हकीकत में तू वो कर दाल!! जीतेगा तू, क्यूँ तेरा मन्न है थका थका क्यूँ तू नज़र आ रहा है जुदा जुदा उठा अपनी पलकें देख, करोड़ो के लबों पर है तेरे लिए दुआ दुआ, सटीकता है तेरे वार में, जिसे लाना है बस तुझे अपने विश्वास में देश की इज्ज़त लगी है साख पर, अब सब कुछ है तेरे हाथ में!!! जीतेगा तू, अपने दर्द के पथर से न कुचल अपनों के जज्बातों को, बस बड़ा एक कदम, क्युकी तेरी एक कोशिश में होगा तुझे चाहने वालों का दम, तो बस उठ चल... जीले ये पल... जीले ये पल... क्युकी... जीतेगा तू ...!