Kismat...




कहालती हूँ मैं किस्मत, 

मेरे अपने हैं नियम, किसी को देती हूँ ख़ुशी
तो किसी पर करती हूँ सितम,
रुतवा है ऐसा मेरा, की हर तरफ होती चर्चा मेरी,
अपनी मेहनत को छोड़ मुझ पर अंध विश्वाश
करती है ये दुनिया पूरी 

कहालती हूँ मैं किस्मत, 

जिसपर मैं हुई मेहरबान उसपर दुनिया वाले हर
पल देने को हैं तैयार अपनी जान,
रंक से राजा और राजा से रंक बनाना,
ऐसा है मेरा काम,

कहलाती हू मैं किस्मत

किस्मत होती तो ये होता, किस्मत होती तो वो हो जाता, 
हुजुर  जो बात हवा में है, सागर की मचलती लहरों में है
वोही बात मुझ मैं है,
जिसके साथ चाहती, उसके संग होलेती,
सच कहूँ तो वो बड़ी किस्मत वाला है जिसकी
तकदीर मुझसे टकरा जाती,
क्यूंकि ज़िन्दगी भर दौड़ते रहते हैं लोग मेरे पीछे,
पर मैं हाथ नहीं आती हर किसी के
इस्सिलिये, 

कहालती हूँ मैं किस्मत!

टिप्पणियाँ

  1. sahi kaha bhai ....kismat vale vo log jinke pass hoti kismat..:)

    जवाब देंहटाएं
  2. Good fortune cannot survive without extra efforts for long. Similarly you cannot continue to pour in extra efforts without any good luck. Confusing? Let me make it simple...

    I think Good Luck is nothing more than recognizing the right opportunity at the right time! Many times you don't even know when you loose a good opportunity. So keep your eyes, ear and mouth(specially in today's world) open!

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Har Ghadi...

तलाश...

MaIn AdHuRa Hu....