Kitana hai kam...
चिंता है सिर्फ इतनी, तिजोरी में एक इंच भी है क्यूँ खाली
ठूस ठूस भर रहे हैं अपने बैंक लॉकर,
कभी अपने बॉस के काटकर केक
तो कभी जरूरतमंदों के साथ करके फरेब,
इसके बाद भी जेब दिखाते हैं खाली
किसको पता घर के कबाड़खाने में छिपी है सोने की थाली,
भिखारी के कटोरे में २ का खनका कर, उठा लेते हैं १ का सिक्का
और मन में सोचते हुए चलते हैं, आज मैंने पुण्य का काम कर दिया,
कितना है कम, जितना भी है उतना है कम...!

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